कोलकाता : पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान जारी है। दोपहर 1 बजे तक करीब 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि सुबह 11 बजे तक 43 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी। कई बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं और इलाके में चुनाव को लेकर उत्साह का माहौल नजर आया।सबसे ज्यादा चर्चा जहांगीर खान को लेकर हो रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान चुनाव मैदान से हटने का एलान कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम और चुनाव चिह्न EVM में बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने मतदान से करीब 48 घंटे पहले चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन नामांकन वापसी की अंतिम तारीख गुजर जाने के कारण चुनाव आयोग नियमों के तहत उनका नाम EVM से नहीं हटा सका।
पुनर्मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। फलता विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। हर बूथ पर आठ सीआरपीएफ जवान मौजूद हैं, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी सक्रिय रखी गई है। अधिकारियों के अनुसार कुल 285 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है, जहां करीब 2.36 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
दरअसल, हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान कई बूथों पर EVM से छेड़छाड़ और गड़बड़ी के आरोप लगे थे। जांच में करीब 60 बूथों पर संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था। इसी वजह से फलता सीट पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।
इस बीच शुभेंदु अधिकारी ने तंज कसते हुए कहा कि जहांगीर खान इसलिए पीछे हटे क्योंकि उन्हें पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहे थे। वहीं TMC समर्थक इसे राजनीतिक दबाव का नतीजा बता रहे हैं। फलता सीट पर BJP, CPI(M) और कांग्रेस के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। अब सबकी नजर पुनर्मतदान के नतीजों पर टिकी है, जो बंगाल की राजनीति को नया मोड़ दे सकते हैं।
