पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार को केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की ‘Y’ श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार यह सुरक्षा व्यवस्था 19 मई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक Y कैटेगरी सुरक्षा के तहत सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं, जो संबंधित व्यक्ति को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह सुरक्षा आमतौर पर खतरे के आकलन के आधार पर दी जाती है, हालांकि इस मामले में आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब TMC के भीतर संसदीय स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा में पार्टी नेतृत्व को लेकर महत्वपूर्ण फेरबदल किया है।
कल्याण बनर्जी बने लोकसभा में नए चीफ व्हिप
पार्टी सांसदों की बैठक में वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस का नया चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है। उन्होंने काकोली घोष दस्तीदार की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। राजनीतिक हलकों में इसे पार्टी की संसदीय रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कल्याण बनर्जी पहले भी लोकसभा में चीफ व्हिप की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, हालांकि बाद में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। अब एक बार फिर उनकी वापसी को पार्टी नेतृत्व के भरोसे और अनुभव पर आधारित निर्णय माना जा रहा है।
सुरक्षा और संगठनात्मक बदलाव से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
काकोली घोष दस्तीदार को Y कैटेगरी सुरक्षा मिलने और पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के बाद बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये दोनों घटनाएं आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस की संसदीय रणनीति और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गतिविधियों को और अधिक सक्रिय कर सकती हैं।
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