पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस को मानव सेवा और त्वरित कार्रवाई के मोर्चे पर एक बड़ी कामयाबी मिली है। चाईबासा पुलिस की एक विशेष टीम ने हरियाणा से झारखंड की दो युवतियों को सकुशल रेस्क्यू किया है। इनमें से एक युवती चाईबासा के गुदड़ी की रहने वाली नाबालिग है, जबकि दूसरी गिरिडीह जिले की निवासी है। आर्थिक तंगी के कारण दोनों के ही परिजन उन्हें वापस लाने में असमर्थ थे, जिसके बाद पुलिस ने खुद कदम आगे बढ़ाए।
केस 1: जून 2024 से लापता थी गुदड़ी की नाबालिग
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि गुदड़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले एक पीड़ित पिता ने 11 मई 2026 को पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने आवेदन में कहा था कि जून 2024 में उन्होंने अपनी 15 वर्षीय बेटी को पढ़ाई और काम सीखने के लिए एक रिश्तेदार के साथ पंजाब भेजा था। वहां वह एक संस्था में रह रही थी।
करीब छह महीने पहले वह घर लौटना चाहती थी, लेकिन इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई। 11 मई को पिता को सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि उनकी बेटी हरियाणा की एक CWC संस्था में सुरक्षित है और घर आना चाहती है। परिवार की माली हालत इतनी खराब थी कि वे हरियाणा जाने का खर्च नहीं उठा सकते थे।
चक्रधरपुर SDPO के नेतृत्व में बनी स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा एसपी के निर्देश पर चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम तत्काल हरियाणा रवाना हुई और नाबालिग को सकुशल बरामद कर चाईबासा ले आई। मंगलवार को चाईबासा बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
केस 2: गिरिडीह की युवती का भी हुआ रेस्क्यू
हरियाणा में ऑपरेशन के दौरान चाईबासा पुलिस टीम को वहां की संस्था में गिरिडीह जिले की एक अन्य युवती के संबंध में भी जानकारी मिली। वह पिछले नौ महीनों से वहां रह रही थी। वह भी अपने घर लौटना चाहती थी, लेकिन उसके परिजनों की भी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और वे उसे लेने नहीं जा पा रहे थे।
चाईबासा एसपी ने तत्परता दिखाते हुए मानवीय आधार पर पुलिस टीम को निर्देश दिया कि उसे भी साथ लाया जाए। पुलिस टीम उसे भी चाईबासा लेकर आई है और फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसे ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ में रखा गया है। गिरिडीह में उसके परिजनों को आधिकारिक सूचना दे दी गई है।
