ट्रेजरी घोटाले पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सख्त, फर्जी निकासी वाले जिलों के DDO हटाने का आदेश

ट्रेजरी घोटाले पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सख्त, फर्जी निकासी वाले जिलों के DDO हटाने का आदेश

Johar News Times
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झारखंड में पुलिस विभाग के अंतर्गत हुए करोड़ों रुपये के ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने फर्जी वेतन निकासी के मामलों में संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि प्राथमिक जांच में संदिग्ध पाए गए सभी डीडीओ स्तर के अधिकारियों को तत्काल उनके पदों से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।

वित्त मंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि सरकारी धन की निकासी के लिए सीधे तौर पर डीडीओ जिम्मेदार होते हैं। उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट और दर्ज मामलों के आधार पर जिन जिलों में फर्जी निकासी सामने आई है, वहां तैनात दोषी अधिकारियों को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यह जांच की जाए कि सीआईडी जांच में शामिल कोई अधिकारी पूर्व में इन जिलों में डीडीओ के रूप में पदस्थापित तो नहीं रहा है।

राज्य के बोकारो, हजारीबाग, देवघर, चाईबासा और खूंटी समेत छह जिलों में करीब 35 से 40 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया है। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी इस गंभीर मामले पर बेहद कठोर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है और संबंधित जिलों में प्राथमिकी दर्ज कर व्यापक जांच शुरू कर दी गई है।

इधर, ट्रेजरी घोटाले के मास्टरमाइंड माने जा रहे बोकारो के पूर्व लेखापाल कौशल पांडेय को सीआईडी की एसआईटी ने 72 घंटे के रिमांड पर लिया है। मंगलवार को उसे पूछताछ के लिए सीआईडी मुख्यालय लाया गया, जहां उससे फर्जी निकासी के पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल को लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में अब तक 14 प्रमुख और लगभग 400 बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनमें फर्जी निकासी के बाद रकम ट्रांसफर किए जाने के सबूत मिले हैं। सीआईडी ने उन खाताधारकों को नोटिस भेजा है, जिनके खातों में बड़ी रकम भेजी गई थी या जिनमें कई बार ट्रांजेक्शन हुआ। बुधवार से एसआईटी खाताधारकों और कौशल पांडेय को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।

सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि किन लोगों के खातों में पैसे भेजे गए और इसके पीछे कौन-कौन शामिल थे। जांच एजेंसी पूरे गिरोह, उसके सदस्यों और उनकी भूमिकाओं को लेकर भी कौशल पांडेय से पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि कौशल पांडेय पर आरोप है कि उसने फर्जी तरीके से एक दरोगा के वेतन मद से करोड़ों रुपये की निकासी की। इसके बाद टीए, डीए समेत अन्य मदों और एसपी के नाम पर खाते खोलकर भी सरकारी राशि निकाली गई। मामले में बोकारो स्टील सिटी थाना में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में हजारीबाग, बोकारो और चाईबासा में भी फर्जी निकासी के मामलों की जांच सीआईडी की एसआईटी को सौंपी गई।

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