शहर में कचरा उठाने वाले कर्मियों की स्थिति दयनीय, लापरवाही से बढ़ रहा बीमारी का खतरा

शहर में कचरा उठाने वाले कर्मियों की स्थिति दयनीय, लापरवाही से बढ़ रहा बीमारी का खतरा

Johar News Times
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साहिबगंज।शहर में घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का जिम्मा नगर परिषद द्वारा आकांक्षा एनजीओ को सौंपा गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कचरा उठाने वाले सफाई कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कई सफाई कर्मी बिना दस्ताने, मास्क, जूते और अन्य आवश्यक सुरक्षा साधनों के ही गंदगी के ढेर से कचरा उठाने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में उन्हें संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। वहीं कई मोहल्लों में समय पर कचरा नहीं उठने से गंदगी का अंबार लग रहा है, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों का आरोप है कि संबंधित एजेंसी द्वारा सिर्फ कागजी प्रक्रिया पूरी कर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि धरातल पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल नजर आ रही है। सफाई कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान को लेकर अब तक कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।

शहरवासियों का कहना है कि जो कर्मी पूरे शहर को स्वच्छ रखने में दिन-रात जुटे रहते हैं, वही आज असुरक्षित माहौल में काम करने को विवश हैं। यदि समय रहते नगर परिषद और संबंधित एनजीओ ने व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो यह लापरवाही भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।

इस मामले पर नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान ने कहा कि, “आपके माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही समाधान किया जाएगा, ताकि कचरा उठाने वाले कर्मियों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि सफाई कर्मियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए तथा कचरा प्रबंधन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि शहर की स्वच्छता के साथ-साथ कर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

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