जमशेदपुर : शहर की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह से चरमरा गई है। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) और टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व में जुस्को) के कमांड एरिया में गली-मोहल्लों से लेकर सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों तक हर जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है। कई इलाकों में दो से तीन दिनों तक कचरे का उठाव नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि जेएनएसी की सफाई व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में रही है, वहीं अब टाटा स्टील यूआईएसएल की व्यवस्था भी पटरी से उतरती नजर आ रही है। कई स्थानों पर न तो सफाई कर्मी दिखाई दे रहे हैं और न ही कचरा उठाने वाली गाड़ियां पहुंच रही हैं। इससे आसपास के लोगों को दुर्गंध और गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
नए ठेकेदारों के कारण प्रभावित हुआ सफाई कार्य
जानकारी के अनुसार टाटा स्टील यूआईएसएल के कई क्षेत्रों में नए ठेकेदारों को सफाई का टेंडर दिया गया है। नए ठेकेदार फिलहाल कचरा उठाव के लिए नई गाड़ियों की खरीद और पुरानी गाड़ियों की मरम्मत कराने में जुटे हैं। इसी वजह से नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कई जगहों पर समय पर कचरे का उठाव नहीं हो पा रहा है।
मानसून से पहले बढ़ी डेंगू की चिंता
शहर में बढ़ती गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ने लगा है। मानसून की दस्तक से पहले खराब सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता।
जमशेदपुर के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी जेएनएसी और टाटा स्टील यूआईएसएल संभालती हैं। दोनों संस्थाएं शहर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने का दावा करती रही हैं। टाटा स्टील यूआईएसएल ने स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर एक वेबसाइट भी जारी की है, जिसके माध्यम से शहरवासियों से प्रतिक्रिया देने और जमशेदपुर को प्रथम स्थान दिलाने में सहयोग की अपील की गई है। कंपनी ने ‘जिम्मेदार नागरिक, जिम्मेदार शहर’ का स्लोगन भी दिया है, लेकिन वर्तमान हालात इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।
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