गुड़ाबांदा प्रखंड के ज्वालकाटा बैंक मोड़ से नागरापाल गांव तक जाने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी पक्की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि यह अब पक्की सड़क कम और मिट्टी का रास्ता ज्यादा नजर आने लगी है। बदहाल सड़क के कारण ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और किसानों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क का निर्माण हुए 10 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़े पत्थर और टूटी सतह लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
पाइपलाइन बिछाने के बाद और बिगड़ी स्थिति
ग्रामीणों ने बताया कि जल नल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़क को कई जगह खोद दिया गया था। इसके बाद सड़क की हालत और खराब हो गई। कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।
स्कूली बच्चे साइकिल ठेलकर पहुंच रहे स्कूल
खराब सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चे साइकिल से स्कूल जाने के बजाय कई जगह साइकिल ठेलकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी हो या बरसात, सड़क की स्थिति सालभर खराब बनी रहती है। बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़ भर जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
किसानों को जान जोखिम में डालकर करना पड़ रहा सफर
स्थानीय किसानों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद बाइक से बाजार ले जाते हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।
10 वर्षों से मरम्मत की मांग, नहीं मिली राहत
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर वे कई बार सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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