हिंदुस्तान कॉपर लिमिडेट की इकाई इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स के दौरे पर पहुंचे सीएमडी संजीव कुमार सिंह ने कंपनी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर उत्पादन बढ़ाने, बंद खदानों को दोबारा शुरू करने और नई परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
मऊभंडार स्थित जनरल ऑफिस के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में कॉपर माइंस की वर्तमान स्थिति, विस्तार योजनाओं और भविष्य की परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सीएमडी ने कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य संस्कृति अपनाने, स्वस्थ रहने और सामूहिक प्रयास से उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
दैनिक भास्कर से बातचीत में संजीव कुमार सिंह ने कहा कि इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स यूनिट का भविष्य काफी उज्ज्वल है और आने वाले वर्षों में यहां बड़े स्तर पर विकास कार्य दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि बंद पड़ी ताम्र खदानों को दोबारा चालू करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए प्रोजेक्ट शुरू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है, जिसका लाभ स्थानीय लोगों, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा।
सुरदा और केंदाडीह माइंस की क्षमता बढ़ाने पर जोर
सीएमडी ने कहा कि कंपनी क्षेत्र की बंद पड़ी खदानों को दोबारा चालू कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सुरदा और केंदाडीह माइंस की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं राखा कॉपर माइंस के विकास और खनन कार्य को भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि खदानों के विस्तार से कंपनी की उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स को नई पहचान मिलेगी।
यूसील के साथ समन्वय, टेलिंग पोंड से होगी यूरेनियम रिकवरी
संजीव कुमार सिंह ने बताया कि धोबनी-पाथरगोड़ा और धातकीडीह खदानों को लेकर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि टेलिंग पोंड के माध्यम से यूरेनियम रिकवरी की जाएगी, जो सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरेनियम की मौजूदगी के कारण इन खदानों की नीलामी नहीं होगी और उम्मीद जताई कि जल्द ही इन खदानों का रिजर्वेशन किया जाएगा।
मऊभंडार और खेतड़ी में लगेगा नया कंसंट्रेटर प्लांट
सीएमडी ने जानकारी दी कि मऊभंडार में नया कंसंट्रेटर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्थान के खेतड़ी यूनिट में भी इसी तरह का प्लांट लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि कॉपर खदानों के विस्तार और नए प्लांट की स्थापना से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी तथा बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
ठेका मजदूरों के हित में नई पहल
संजीव कुमार सिंह ने कहा कि एचसीएल ठेका मजदूरों के हित में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर ठेका मजदूरों के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लागू की गई है, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों के आश्रितों को आर्थिक सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि जो कार्य कई नवरत्न कंपनियां नहीं कर सकीं, उसे एचसीएल ने पूरा कर दिखाया है।
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