देश की राजधानी में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया है। एनसीबी ने लगभग 227.7 किलोग्राम ‘कैप्टागन’ ड्रग बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 182 करोड़ रुपये आंकी गई है। भारत के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में कैप्टागन ड्रग पकड़ी गई है, जिसे आमतौर पर ‘जिहादी ड्रग’ भी कहा जाता है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जो वीजा खत्म होने के बाद भी दिल्ली में अवैध रूप से छिपकर रह रहा था और यहीं से इस पूरे इंटरनेशनल सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था।
चपाती कटर मशीन से लेकर मुंद्रा पोर्ट तक फैला था जाल
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, कैप्टागन में ‘फेनेटाइलीन’ और ‘एम्फेटामाइन’ जैसे खतरनाक नशीले तत्व होते हैं, जो एनडीपीएस अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। जांच में पता चला कि आरोपी सीरियाई नागरिक 2024 में पर्यटक वीजा पर भारत आया था। जनवरी 2025 में उसका वीजा खत्म हो गया, जिसके बाद उसने दिल्ली के नेब सराय इलाके में किराये का मकान लिया और ड्रग नेटवर्क चलाने लगा।
- एनसीबी ने सबसे पहले नेब सराय के इसी मकान पर छापा मारकर 31.5 किलोग्राम कैप्टागन जब्त की। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खेप को चपाती काटने वाली मशीन के अंदर छिपाकर रखा गया था, जिसे सऊदी अरब के जेद्दा भेजा जाना था।
- आरोपी से पूछताछ के बाद एनसीबी ने गुजरात के मुंद्रा में कंटेनर फैसिलिटेशन सेंटर पर छापेमारी की। वहां सीरिया से आयात किए गए भेड़ की ऊन के एक बड़े कंटेनर से 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद हुआ, जिसे तीन अलग-अलग बैगों में छिपाया गया था।
भारत को ‘ट्रांजिट हब’ बनाने की थी साजिश
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क मध्य-पूर्व के देशों, विशेष रूप से सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में ड्रग्स की सप्लाई करने के लिए भारत को एक ‘ट्रांजिट हब’ इस्तेमाल कर रहा था।
इस ऐतिहासिक कामयाबी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनसीबी टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प की दिशा में एक बड़ी सफलता है। उन्होंने नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को एक बार फिर दोहराया।
कमर्शियल रूट का हो रहा दुरुपयोग एनसीबी अब इस मामले में हवाला नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और लॉजिस्टिक्स सप्लाई की बारीकी से जांच कर रही है। इससे पहले मुंबई पोर्ट पर भी इक्वाडोर से आए एक कंटेनर से 349 किलोग्राम कोकीन पकड़ी गई थी। इन मामलों से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया अब समुद्री और वाणिज्यिक शिपिंग मार्गों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
