टाटानगर जंक्शन रेल्वे स्टेशन का शनिवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया, लेकिन स्टेशन के इन-आउट गेट के बाहर फैले अतिक्रमण और रोजाना लगने वाले जाम की समस्या पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन के बाहर सुबह, शाम और रात में सड़क पर भारी जाम लगता है, जिससे यात्रियों और आम लोगों को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है।
बताया जा रहा है कि आमतौर पर किसी बड़े अधिकारी के दौरे से पहले स्टेशन के बाहर अस्थायी रूप से अतिक्रमण हटाया जाता है, लेकिन इस बार स्थिति सामान्य दिनों जैसी ही रही। रेल क्षेत्र में कई जगह अतिक्रमण दिखाई दिया। पूरे मामले में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है। निरीक्षण के दौरान हाल ही में मालगाड़ी पर चढ़ने के दौरान करंट लगने से एक किशोर की हुई मौत का मुद्दा भी उठा। डीआरएम तरुण हुरिया ने घटना पर दुख जताते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने लोगों से रेलवे परिसर और ट्रेनों के आसपास सतर्क रहने तथा सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रेलवे लगातार जागरूकता अभियान चलाता है, लेकिन लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 और 2 पर लगे एस्केलेटर अक्सर बंद रहने के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि संबंधित कंपनी से इस मुद्दे पर बातचीत की गई है। उन्होंने बताया कि एस्केलेटर के कुछ तकनीकी पार्ट्स में खराबी की जानकारी मिली है और उसे जल्द ठीक कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
ट्रेनों के परिचालन में देरी को लेकर डीआरएम ने कहा कि रेलवे लगातार सुधार की दिशा में काम कर रहा है। उनके अनुसार पहले की तुलना में रेलवे सेवाओं में काफी सुधार हुआ है और यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुविधा देने के लिए कई योजनाओं पर काम जारी है।
