पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा स्थित सेल अस्पताल गुवा में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मरीज को बिना ऑक्सीजन सुविधा के राउरकेला के आईजीएच अस्पताल रेफर किए जाने पर परिजनों और स्थानीय महिलाओं ने एंबुलेंस रोक दी। लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा करते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया।
परिजनों का आरोप था कि मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए बिना उसे दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा था। घटना की सूचना मिलने पर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे और महामंत्री अंतर्यामी महाकुड़ भी मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की स्थिति सामान्य थी, इसलिए ऑक्सीजन की जरूरत नहीं समझी गई और बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर किया जा रहा था। हालांकि डॉक्टरों के इस तर्क पर यूनियन नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मरीज की हालत सामान्य है तो उसे बाहर रेफर करने की आवश्यकता ही क्यों पड़ी। उनका कहना था कि ऐसे मरीज का इलाज गुवा अस्पताल में ही किया जाना चाहिए।
काफी देर तक चले विवाद और हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को फिलहाल अस्पताल में ही भर्ती रखकर इलाज जारी रखने का फैसला लिया। प्रबंधन की ओर से कहा गया कि मरीज की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। घटना के बाद अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अस्पताल में ऑक्सीजन समेत सभी जरूरी आपात सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहें, ताकि गंभीर मरीजों को रेफर करने की नौबत न आए।
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