झारखंड में जल्द होने वाले राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष इंडिया गठबंधन और एनडीए दोनों अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। हालांकि संख्या बल के हिसाब से इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है, लेकिन बीजेपी चुनाव को दिलचस्प बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि पार्टी सीधे अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय किसी निर्दलीय चेहरे को समर्थन देकर क्रॉस वोटिंग के सहारे सीट निकालने की कोशिश कर सकती है। दरअसल, झारखंड से राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के 4 अगस्त 2025 को निधन के बाद एक सीट खाली हुई थी। वहीं भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इन दोनों सीटों पर जल्द चुनाव होना है।
विधानसभा के वर्तमान गणित पर नजर डालें तो इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में बीजेपी अपने दम पर एक सीट जीतने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि एक उम्मीदवार को जीत के लिए 28 वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि बीजेपी किसी ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है जिसे समर्थन देकर अतिरिक्त वोट जुटाए जा सकें।
राजनीतिक गलियारों में पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी का नाम चर्चा में है। कहा जा रहा है कि अगर वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरते हैं तो एनडीए उन्हें समर्थन दे सकता है। ऐसे में 24 वोट एनडीए से मिल जाएंगे और बाकी चार वोटों के लिए क्रॉस वोटिंग पर दांव लगाया जाएगा। माना जा रहा है कि निर्दलीय उम्मीदवार इंडिया गठबंधन के विधायकों में भी समर्थन तलाश सकता है। दूसरी ओर इंडिया गठबंधन में भी सीटों को लेकर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा दोनों सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारना चाहती है, जबकि इंडियन नैशनल कॉंग्रेस एक सीट की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। हाल के दिनों में बयानबाजी भी तेज हुई थी, हालांकि बाद में हालात सामान्य हुए।
कैसे होता है राज्यसभा चुनाव?
राज्यसभा चुनाव में आम जनता मतदान नहीं करती। इसमें केवल विधानसभा के निर्वाचित विधायक वोट देते हैं। चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली के तहत होता है। झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं, जिनमें एक मनोनीत सदस्य होता है। इसलिए निर्वाचित विधायकों की संख्या 80 मानी जाती है। इस बार दो सीटों पर चुनाव होना है। जीत का आंकड़ा निकालने के लिए कुल निर्वाचित विधायकों की संख्या को सीटों की संख्या में एक जोड़कर भाग दिया जाता है, फिर उसमें एक जोड़ा जाता है।
इस बार गणित कुछ ऐसा है:
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं, जिनमें एक मनोनीत सदस्य होता है। इसलिए निर्वाचित विधायकों की संख्या 80 मानी जाती है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है, इसलिए जीत का आंकड़ा तय करने के लिए 80 को कुल सीटों की संख्या में एक जोड़कर यानी 3 से भाग दिया जाता है। इसका परिणाम 26.66 आता है। इसके बाद इसमें एक जोड़ने पर संख्या 27.66 हो जाती है। यानी किसी भी उम्मीदवार को जीत सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 28 विधायकों का समर्थन हासिल करना होगा।
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