मुसाबनी में पुलिया धंसने से 10 गांवों का संपर्क टूटा: घाटशिला स्टेशन, अस्पताल और स्कूल जाने का रास्ता बंद; झामुमो नेता पहुंचे

मुसाबनी में बड़ा प्रशासनिक और बुनियादी संकट: पुलिया जमींदोज होने से थमा हजारों ग्रामीणों का आवागमन, झामुमो नेताओं ने लिया जायजा।

Johar News Times
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पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रखंड के तेडेंगा पंचायत अंतर्गत ग्राम केन्दाडीह में कैनल के पास बनी एक पुलिया अचानक पूरी तरह से धंस गई। इस हादसे के कारण क्षेत्र के करीब 8 से 10 गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है।

रोजमर्रा की जिंदगी थमी, ग्रामीणों के सामने बड़ा संकट

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क घाटशिला मुख्य मार्ग से गांवों को जोड़ने वाली एकमात्र महत्वपूर्ण जीवनरेखा (Lifeline) थी। पुलिया के जमींदोज होने से ग्रामीणों को:

  • आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
  • अस्पताल तक मरीजों को ले जाना अब बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
  • स्कूली बच्चों को विद्यालय जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सूचना मिलते ही पहुंचे झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन

पुलिया धंसने की इस गंभीर समस्या के बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना झामुमो के मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रधान सोरेन बिना समय गंवाए पार्टी पदाधिकारियों के साथ घटनास्थल पहुंचे और जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

विधायक से बात कर जल्द बनेगी नई पुलिया: प्रधान सोरेन घटनास्थल पर मौजूद परेशान ग्रामीणों को सांत्वना देते हुए प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन ने कहा कि पूरे घटनाक्रम और जनता की परेशानी से क्षेत्रीय विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन को तत्काल अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द यहां आवागमन बहाल करने और नई पुलिया निर्माण की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।


इस दौरान प्रखंड अध्यक्ष के साथ मुख्य रूप से प्रखंड उपाध्यक्ष मितेश हांसदा, कोषाध्यक्ष पालू माझी, ग्राम प्रधान प्रफुल्लय सोरेन, तेरेगां के ग्राम प्रधान शिवराज सोरेन, विराम मुर्मू, हरेराम मुर्मू, भागीरथी सोरेन, गणेश टुडू, बासु सोरेन समेत भारी संख्या में प्रभावित गांवों के ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी मांग की है कि जब तक पक्का निर्माण न हो, तब तक वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए।

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