बंगाल में फिर खुलीं चुनावी हिंसा की फाइलें, 300 मामलों की दोबारा जांच शुरू

बंगाल में फिर खुलीं चुनावी हिंसा की फाइलें, 300 मामलों की दोबारा जांच शुरू

Johar News Times
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पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के संकेत के बाद बंगाल पुलिस अब पुराने मामलों में सक्रिय नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक राज्यभर में करीब 300 चुनावी हिंसा मामलों की फाइलें दोबारा खोली गई हैं और जांच तेज कर दी गई है। कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में गुरुवार को हुई हाई लेवल बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी जिलों के थाना प्रभारियों, डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। खास तौर पर महिलाओं के खिलाफ अपराध, पोक्सो एक्ट, हत्या, दुष्कर्म और राजनीतिक हिंसा से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

सूत्रों के अनुसार, कई पीड़ित परिवार लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे थे। अब पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट जल्द जमा करने और जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, उन्हें शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू हो सके।

इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि पिछली सरकार के दौरान कई मामलों को दबाया गया था। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हिंसा के मामलों की दोबारा जांच से आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा असर देखने को मिल सकता है और कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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