चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य जाने निकली सात युवतियों को चक्रधरपुर पुलिस ने समय रहते सुरक्षित उनके घर वापस भेज दिया। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। मामला जगन्नाथपुर प्रखंड से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां की युवतियां बेहतर रोजगार की उम्मीद में बाहर जाने के लिए निकली थीं।
जानकारी के अनुसार, युवतियां चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। इसी दौरान चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार की नजर उन पर पड़ी। पूछताछ के दौरान पता चला कि सभी युवतियां दूसरे प्रदेश में मजदूरी और काम की तलाश में जा रही थीं। पुलिस ने जब उनके सफर और गंतव्य से जुड़ी जानकारी ली, तो कई बातें संदिग्ध लगीं। इसके बाद थाना प्रभारी ने युवतियों को मानव तस्करी, शोषण और बाहरी राज्यों में होने वाले संभावित खतरे के बारे में विस्तार से समझाया।
पुलिस अधिकारियों ने युवतियों को बताया कि रोजगार के नाम पर कई बार दलाल और तस्कर भोली-भाली लड़कियों को अपने जाल में फंसा लेते हैं, जिसके बाद उन्हें मानसिक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ता है। समझाइश के बाद सभी युवतियां घर लौटने के लिए तैयार हो गईं। इसके बाद पुलिस ने टाटा मैजिक वाहन की व्यवस्था कर सभी को सुरक्षित उनके गांव भेज दिया।
गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और कोल्हान क्षेत्र के कई इलाकों से हर दिन बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं। इनमें कई नाबालिग लड़कियां भी शामिल रहती हैं। ऐसे में पुलिस की सतर्कता को मानव तस्करी रोकने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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