पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में स्थानीय रोजगार और मजदूरों की बहाली की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और मुंडा-मानकी प्रतिनिधि शामिल हुए।
आंदोलनकारियों और सेल प्रबंधन के बीच हुई वार्ता का एक दौर बेनतीजा रहने के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। आंदोलन के कारण क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, हटाए गए 72 मजदूरों को पुनः काम पर रखने तथा प्रभावित ग्रामीणों को उनका अधिकार देने की मांग शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि सेल प्रबंधन द्वारा कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को हुए चक्का जाम आंदोलन को प्रशासन और सेल प्रबंधन के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था। इसके बाद 5 मई को हुई वार्ता से भी कोई समाधान नहीं निकल सका, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
आंदोलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को रोजगार और अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। जब तक सेल प्रबंधन ठोस निर्णय लेकर मांगों को पूरा नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस बल को क्षेत्र में तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। फिलहाल आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने से इनकार कर दिया है।
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