साहिबगंज के अमन ने रचा इतिहास: रक्षा मंत्रालय की नौकरी छोड़ घर से की तैयारी, भारतीय वन सेवा में पाई 27वीं रैंक

नौकरी का मोह छोड़ा, लक्ष्य से नाता जोड़ा: साहिबगंज के अमन ने घर की चारदीवारी से लिख डाली सफलता की नई इबारत!

Johar News Times
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झारखंड के लाल अमन आयुष्कर ने अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से पूरे देश में जिले का मान बढ़ाया है। शुक्रवार को जारी भारतीय वन सेवा परीक्षा के परिणामों में अमन ने अखिल भारतीय स्तर पर 27वीं रैंक हासिल की है। इस सफलता के बाद साहिबगंज के ओझा टोली स्थित उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

शानदार रहा है शैक्षणिक सफर

अमन की शुरुआती शिक्षा साहिबगंज के संत जेवियर स्कूल से हुई। मेधावी छात्र रहे अमन ने बीपीएस पूर्णिया से 12वीं करने के बाद जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता से बीटेक और देश के प्रतिष्ठित IIT दिल्ली से एमटेक की डिग्री हासिल की। उनकी यह सफलता उनकी वर्षों की शैक्षणिक तपस्या का परिणाम है।

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छोड़ी क्लास-1 की नौकरी

अमन का करियर हमेशा से ही उपलब्धियों भरा रहा है। साल 2018 में उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) की परीक्षा पास की और रक्षा मंत्रालय के तहत बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशनमें अधिकारी के रूप में योगदान दिया। हालांकि, उनका लक्ष्य कुछ और बड़ा हासिल करना था। साल 2024 में उन्होंने क्लास-1 की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से भारतीय वन सेवा की तैयारी में जुट गए।

बिना कोचिंग, घर से हासिल की मंजिल

अमन की सफलता की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने इसके लिए किसी बड़े शहर के कोचिंग संस्थान का रुख नहीं किया। उन्होंने साहिबगंज में अपने घर पर रहकर ही स्वाध्याय किया। इस सफर में साहिबगंज के डीएफओ प्रबल ने उनका निरंतर मार्गदर्शन किया और उन्हें प्रेरित किया।

साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि

अमन के पिता ओम प्रकाश तिवारी ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाते हैं और माँ सुधा तिवारी एक गृहिणी हैं। मूल रूप से बिहार के कटिहार का रहने वाला यह परिवार सालों पहले साहिबगंज में बस गया था। अमन की दो बहनों में से एक केंद्रीय विद्यालय में शिक्षिका हैं। जिले के लिए यह दोहरी खुशी का मौका है, क्योंकि हाल ही में साहिबगंज की निहारिका सिन्हा ने भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी।

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