दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में भारतीय रेल द्वारा आयोजित “विश्व पर्यावरण दिवस अभियान–2026” (15 मई से 5 जून 2026) के तहत पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जन-जागरूकता को लेकर गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। इस अभियान के तहत रेल परिसरों को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई तरह के विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए ‘शीतल पेयजल’ सेवा
इस समय पूरा इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है, जिसे देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने सराहनीय कदम उठाया है। आद्रा, भोजूडीह और बोकारो स्टील सिटी समेत मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों और आम लोगों के लिए शीतल पेयजल की सेवा शुरू की गई है। स्काउट्स के स्वयंसेवक मुस्तैदी से प्लेटफॉर्म पर घूम-घूम कर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को पानी पिला रहे हैं, जिससे मुसाफिरों को बड़ी राहत मिल रही है।
वाटर कूलरों की विशेष सफाई और सख्त निगरानी
यात्रियों को स्टेशनों पर सुरक्षित और शुद्ध पेयजल मिले, इसके लिए रेल प्रशासन बेहद गंभीर है। अभियान के अंतर्गत आद्रा मंडल के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर लगे वाटर कूलरों की नियमित साफ-सफाई और उनकी तकनीकी निगरानी की जा रही है। रेल अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से यात्रियों को बचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“इस 21 दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि रेल परिसरों को पूरी तरह इको-फ्रेंडली बनाना और यात्रियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना है।” — जनसंपर्क अधिकारी, आद्रा मंडल
रेलवे कॉलोनियों में कचरा निस्तारण अभियान
स्टेशनों के अलावा रेलवे ने अपनी रिहायशी कॉलोनियों का रुख भी किया है। भोजूडीह और आद्रा की रेलवे कॉलोनियों में कचरा निस्तारण को लेकर विशेष स्वच्छता ड्राइव चलाई गई। इस दौरान रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, कचरे को खुले में न फेंकने तथा पर्यावरण नियमों के तहत गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में रखने के लिए जागरूक किया गया। यह विशेष अभियान आगामी 5 जून तक लगातार जारी रहेगा।
