सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल रेंज अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथी का कहर लगातार जारी है। रविवार शाम करीब 7 बजे एक दर्दनाक घटना में हाथी ने एक व्यक्ति को पटककर मार डाला, जिसके बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कुकड़ू गांव निवासी 50 वर्षीय मुनि राम गोराई के रूप में हुई है। घटना कुकड़ू प्रखंड के निचे क्षेत्र के पास हुई, जहां जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से जंगली हाथी अलग-अलग गांवों में घूमकर उत्पात मचा रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि शाम होते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए हाथी को जल्द जंगल की ओर खदेड़ने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की है। इस मामले को लेकर प्रशासन और वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
घटनाओं के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। बीते 11 अप्रैल को कुकड़ू प्रखंड के सापारुम गांव में हाथी ने राधा तांती को कुचलकर मार डाला था। वहीं 25 अप्रैल को ईचागढ़ के हाड़ात गांव में मां चाइना देवी और उनकी बेटी अमिता कुमारी की भी हाथी के हमले में मौत हो गई थी। अब 4 मई को कुकड़ू गांव के मुनि राम गोराई की जान चली गई।
साल 2026 में अब तक हाथी के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो कुकड़ू और दो ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के हैं। वहीं 2025 में भी हाथी के हमलों में दो लोगों की जान गई थी। 7 जून 2025 को नीमडीह के आंडा गांव निवासी कुंती देवी और 9 दिसंबर 2025 को कुकड़ू के लेटेमदा गांव निवासी गौरांग महतो की भी हाथी ने जान ले ली थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत गहराती जा रही है और वे वन विभाग से त्वरित व ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।









