चांडिल डैम में गजराजों का ‘जलक्रीड़ा’ शो: पर्यटकों के लिए रोमांचक नजारा, लेकिन ग्रामीणों की बढ़ी धड़कनें

"चांडिल डैम में पर्यटकों का 'परफेक्ट टूरिज्म', तो रात होते ही हाथियों के खौफ से कांप रहे ग्रामीण।"

Johar News Times
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झारखंड में गर्मी का पारा चढ़ते ही दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी के हाथियों ने अब चांडिल बहुउद्देशीय परियोजना जलाशय को अपना नया आशियाना बना लिया है। शुक्रवार को डैम के कल्याणपुर-धातकीडीह इलाके के पास तीन विशालकाय जंगली हाथियों को घंटों पानी में मस्ती करते और जलक्रीड़ा करते देखा गया।

डैम में बोटिंग का आनंद ले रहे पर्यटकों के लिए यह नजारा किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं था। पर्यटकों ने इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया। लेकिन, जहां एक तरफ पर्यटकों के लिए यह रोमांच का विषय है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह बड़ी आफत बनकर उभरा है।

दिन में पानी में मस्ती, शाम ढलते ही गांवों में ‘धमाल’

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन हाथियों का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। चिलचिलाती धूप और गर्मी से बचने के लिए ये गजराज दिनभर सुवर्णरेखा नदी के जलाशय में पानी के बीच अठखेलियां करते हैं। लेकिन जैसे ही शाम ढलती है और अंधेरा होता है, ये हाथी जंगल और डैम से निकलकर रिहायशी इलाकों का रुख कर लेते हैं।

  • रात होते ही हाथियों का यह दल गांवों में घुसकर खेतों में लगी फसलों को रौंद रहा है।
  • भोजन की तलाश में हाथियों द्वारा ग्रामीणों के मिट्टी के घरों और अनाज के भंडारों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में दहशत, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

हाथियों के इस मूवमेंट से चांडिल वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में मानव-हाथी संघर्ष तेज हो गया है। ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और लोग रतजगा करने को मजबूर हैं।

वन विभाग की अपील: चांडिल वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण पानी और चारे की तलाश में दलमा के हाथी चांडिल डैम क्षेत्र की ओर आ रहे हैं। विभाग ने प्रभावित गांवों के लोगों से रात के समय अत्यधिक सतर्क रहने, घरों से बाहर न निकलने और हाथियों को भगाने के लिए मशाल, पटाखे व टॉर्च की व्यवस्था रखने की अपील की है।

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