Venezuela Earthquake: संकट की घड़ी में वेनेजुएला का ‘मसीहा’ बना भारत, शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’, राहत सामग्री के साथ मेडिकल टीम रवाना

"संकट में सच्ची दोस्ती: वेनेजुएला के लिए मसीहा बना भारत, 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत भेजी सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट।"

Johar News Times
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वेनेजुएला में आए भीषण और विनाशकारी भूकंप के बाद मची भारी तबाही के बीच भारत ने एक बार फिर अपनी ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की नीति का परिचय दिया है। संकट की इस घड़ी में वेनेजुएला की मदद के लिए भारत ने हाथ आगे बढ़ाते हुए एक बड़ा मानवीय सहायता अभियान ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है।

विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना के दो विशेष विमानों के जरिए भारी मात्रा में आपातकालीन राहत सामग्री और एक उच्च स्तरीय 41 सदस्यीय बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया गया है।

राहत सामग्री में क्या-क्या है शामिल?

भारत की ओर से भेजी जा रही मदद केवल खाद्य सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि मलबे में दबे लोगों को निकालने और घायलों के त्वरित इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:

  • प्रभावित क्षेत्र में तुरंत इलाज शुरू करने के लिए भारतीय सेना की एक अत्याधुनिक ‘फील्ड हॉस्पिटल यूनिट’ भेजी गई है।
  • राहत दल में मलबे से जिंदगी तलाशने वाले प्रशिक्षित बचावकर्मियों के साथ-साथ क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा के विशेषज्ञ डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ शामिल हैं।
  • इसके अलावा वेंटिलेटर, पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें, जीवन रक्षक दवाइयां और टेंट-कंबल जैसी आवश्यक सामग्रियां भी भेजी गई हैं।

भूकंप से वेनेजुएला में मची है भारी तबाही

आपको बता दें कि वेनेजुएला इस समय सदी की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है।

  • आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस विनाशकारी भूकंप में अब तक 920 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
  • भूकंप की वजह से 3,000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज वहां के ढह चुके स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। मलबे को हटाने का काम अभी भी जारी है, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

वैश्विक स्तर पर भारत की पहल की सराहना भारत की ओर से समय पर शुरू किए गए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला में जारी स्थानीय राहत और बचाव कार्यों को नई गति देना और कीमती जिंदगियों को बचाना है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संकट के समय सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाने वाले देश के रूप में भारत की इस तत्परता की जमकर सराहना की जा रही है।

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