अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम समझौते के बावजूद मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गए हैं। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद दोनों परमाणु शक्तियों के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को बेहद सख्त और दोटूक लहजे में चेतावनी दी है कि यदि हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा गया, तो अमेरिका करारा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
जेडी वेंस की दोटूक- बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिका का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका संघर्ष विराम समझौते का पूरी तरह सम्मान करता है, लेकिन इसे कमजोरी न समझा जाए।
“यदि ईरान हिंसक गतिविधियों को अंजाम देता है या अमेरिकी हितों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों को निशाना बनाता है, तो उसका उसी भाषा में कड़ा जवाब दिया जाएगा। अगर समझौते को लेकर कोई मतभेद हैं, तो उन्हें बातचीत की मेज पर सुलझाया जा सकता है, लेकिन हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।” – जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति
होर्मुज में जहाज पर हमला और अमेरिका की एयरस्ट्राइक तनाव की शुरुआत तब हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कमर्शियल शिप पर हमला हुआ। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने एक्शन लेते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए ‘जवाबी कार्रवाई’ के रूप में की गई थी।
ईरान का पलटवार: ‘अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना’
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी एयरस्ट्राइक की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने एकतरफा सैन्य कार्रवाई कर पूरे क्षेत्र की शांति को खतरे में डाल दिया है।
- रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा: ईरान की शक्तिशाली सेना ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों के जवाब में उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ पलटवार किया है।
- आगे और गंभीर परिणाम की चेतावनी: ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यदि अमेरिका ने दोबारा ऐसी हिमाकत की, तो इस बार का जवाब पहले से कहीं अधिक घातक और सख्त होगा। हालांकि, ईरान ने अभी तक अमेरिकी ठिकानों को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
‘अमेरिका शांति के प्रति गंभीर नहीं’— इब्राहिम अजीजी ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने वाशिंगटन पर तीखा हमला बोला है। अजीजी ने कहा, “इस घटनाक्रम से पूरी दुनिया के सामने यह साफ हो गया है कि अमेरिका संघर्ष विराम और शांति प्रक्रिया को लेकर रत्ती भर भी गंभीर नहीं है। अमेरिकी कार्रवाई ने मध्य पूर्व को फिर से अस्थिरता के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।”
क्यों बढ़ी दुनिया की चिंता? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेडी वेंस की इस सीधी चेतावनी और ईरान के आक्रामक रुख के बाद यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
