Modi Cabinet Reshuffle: क्या देश को मिलेगा नया वित्त मंत्री? पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के नाम की चर्चा तेज, समझिए क्या है पूरा समीकरण

"मोदी कैबिनेट में महा-फेरबदल की तैयारी: क्या निर्मला सीतारमण की जगह शक्तिकांत दास संभालेंगे वित्त मंत्रालय?"

Johar News Times
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देश के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक बेहद बड़ी खबर तैर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 या 29 जून को अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल और विस्तार कर सकते हैं। इस संभावित फेरबदल में कई मंत्रियों के विभागों को बदलने और कुछ नए चेहरों को एंट्री मिलने की पुरजोर अटकलें हैं।

इस बीच सबसे चौंकाने वाली और बड़ी चर्चा देश के अगले वित्त मंत्री को लेकर है। सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है।

क्यों रेस में सबसे आगे चल रहा है शक्तिकांत दास का नाम? ओडिशा में जन्मे और 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री मोदी के सबसे भरोसेमंद नौकरशाहों में गिना जाता है। वर्तमान में वे पीएम के प्रधान सचिव की भूमिका निभा रहे हैं। यदि मोदी कैबिनेट में उन्हें वित्त मंत्रालय का जिम्मा सौंपा जाता है, तो इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिला है।

इतिहास दोहराने की दहलीज पर शक्तिकांत दास अगर शक्तिकांत दास देश के वित्त मंत्री बनते हैं, तो वे भारत के इतिहास में उन चुनिंदा पूर्व आरबीआई गवर्नरों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने बाद में नॉर्थ ब्लॉक की कमान संभाली। इससे पहले यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल सी. डी. देशमुख और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम ही दर्ज है।

क्या है राजनीतिक और संवैधानिक समीकरण?

शक्तिकांत दास फिलहाल संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उनके मंत्री बनने को लेकर दो बड़े समीकरण सामने आ रहे हैं:

  • 6 महीने का वक्त: संवैधानिक नियमों के मुताबिक, यदि कोई गैर-सांसद व्यक्ति मंत्री बनता है, तो उसे पद ग्रहण करने के 6 महीने के भीतर संसद की सदस्यता लेनी अनिवार्य होती है।
  • उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का रास्ता: सियासी गलियारों में चर्चा है कि शक्तिकांत दास को उत्तर प्रदेश के कोटे से राज्यसभा भेजा जा सकता है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में इसी साल नवंबर 2026 में राज्यसभा की 10 सीटें खाली होने वाली हैं, जहां बीजेपी आसानी से उन्हें सदन में भेज सकती है।

आर्थिक मामलों का लंबा और बेदाग अनुभव

शक्तिकांत दास को वित्त मंत्री के तौर पर देखे जाने के पीछे उनकी आर्थिक मामलों पर जबरदस्त पकड़ है। उनका प्रशासनिक और वित्तीय सफरनामा बेहद शानदार रहा है:

  • 8 केंद्रीय बजटों का अनुभव: वित्त मंत्रालय में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान वे देश के 8 केंद्रीय बजट तैयार करने वाली कोर टीम का हिस्सा रहे हैं। वे देश के राजस्व सचिव और आर्थिक मामलों के सचिव जैसे शीर्ष पदों पर रह चुके हैं।
  • RBI के संकटमोचक: दिसंबर 2018 से दिसंबर 2024 तक वे भारतीय रिजर्व बैंक के 25वें गवर्नर रहे। वैश्विक मंदी और कोरोना संकट के दौरान उनके वित्तीय फैसलों को दुनिया भर में सराहा गया, जिसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘A+’ रेटिंग और कई बड़े सम्मान मिले।
  • पीएमओ में एंट्री: आरबीआई से विदाई के बाद फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अपना प्रधान सचिव नियुक्त किया था।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि 26 फरवरी 1957 को भुवनेश्वर में जन्मे शक्तिकांत दास ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में बीए और एमए की डिग्री ली है। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। करीब 37 साल के प्रशासनिक करियर में उन्होंने डिंडीगुल और कांचीपुरम के जिला कलेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

बेशक शक्तिकांत दास के नाम को लेकर अटकलें इस वक्त चरम पर हैं और देश के आर्थिक हलकों में भी इसे लेकर उत्सुकता है, लेकिन अंतिम फैसला हमेशा की तरह ‘पीएमओ’ के बंद कमरों से ही सामने आएगा।

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