जादूगोड़ा: सुंदरनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत तुरामडीह ग्रामसभा और यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) प्रबंधन के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। करीब आठ घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखित सहमति बनी, जिससे क्षेत्र के लोगों में संतोष का माहौल है। बैठक में दर्जनों गांवों के ग्रामसभा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वार्ता का नेतृत्व पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी ने किया। इस दौरान विस्थापित और प्रभावित मजदूरों की समस्याएं, स्थानीय नियोजन में कथित अनियमितताएं, अवैध वसूली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे कई अहम मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। चर्चा के बाद यूसील प्रबंधन ने अधिकांश मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए सहमति प्रदान की।
ग्रामसभा को मिलेगा नियोजन का अधिकार
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला स्थानीय नियोजन प्रक्रिया को लेकर हुआ। अब तक कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा प्रबंधन पर दबाव बनाकर अपने पसंदीदा लोगों को रोजगार दिलाने की शिकायतें सामने आती रही थीं। इस व्यवस्था को समाप्त करते हुए रोजगार से संबंधित अधिकार ग्रामसभा को सौंपने पर सहमति बनी है। इसके तहत स्थानीय बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया ग्रामसभा के माध्यम से संचालित की जाएगी। ग्रामीणों का मानना है कि इससे रोजगार वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंदों को अवसर मिल सकेगा।
मुख्य गेट से हटेगा अवैध कार्यालय
वार्ता के दौरान यह भी तय किया गया कि तुरामडीह माइंस परिसर के मुख्य द्वार के सामने बाहरी लोगों द्वारा संचालित किए जा रहे कथित अवैध कार्यालय को तत्काल हटाया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप था कि इस कार्यालय के माध्यम से कुछ लोग लंबे समय से अपना वर्चस्व बनाए हुए थे।
फर्जी हाजिरी पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि माइंस में बिना कार्य किए अवैध रूप से हाजिरी बनाने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। उनकी जगह वास्तविक जरूरतमंद और पात्र ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जाएगी।
अवैध वसूली पर सख्ती का आश्वासन
ग्रामसभा ने ठेकेदारों और बिचौलियों द्वारा मजदूरों से की जा रही कथित अवैध वसूली का मुद्दा भी उठाया। इस पर यूसील प्रबंधन ने कड़ी निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
पारदर्शिता बढ़ेगी, शोषण रुकेगा : बाघराय मार्डी
पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी ने कहा कि वर्षों से कुछ लोगों ने व्यवस्था पर एकाधिकार कायम कर रखा था, जिससे वास्तविक हकदारों का शोषण हो रहा था। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा को अधिकार मिलने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और योग्य ग्रामीणों को उनका अधिकार मिल सकेगा। इस समझौते के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने संतोष जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
