जमशेदपुर: सात समंदर पार मध्य पूर्व में जारी युद्ध की आग ने अब भारतीय मध्यवर्ग की जेब को झुलसाना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी के इस दौर में फ्रिज, एसी और कूलर जैसे राहत देने वाले उपकरणों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। दूसरी ओर, गैस संकट ने शहर के जायके और होटल कारोबार की कमर तोड़ दी है।
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ‘महंगाई का करंट’
बढ़ती गर्मी के साथ फ्रिज, कूलर और एसी की डिमांड जैसे ही बढ़ी, कंपनियों ने इनकी कीमतों में ₹1,000 से ₹5,000 तक का भारी इजाफा कर दिया है।
क्यों बढ़े दाम?
बाजार विशेषज्ञों और व्यापारियों के अनुसार, युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हुई है। तांबा (Copper), एल्युमिनियम और प्लास्टिक जैसे जरूरी बेस मटेरियल महंगे होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसका सीधा बोझ अब ग्राहकों के कंधे पर आ पड़ा है।

क्या कितना हुआ महंगा? (एक नजर में)
| उपकरण | अनुमानित बढ़ोत्तरी |
| सिंगल डोर फ्रिज | ₹1,500 से ₹2,000 |
| डबल डोर फ्रिज | ₹2,000 से ₹4,000 |
| एयर कंडीशनर (AC) | ₹1,000 से ₹3,000 |
| कूलर | ₹1,500 से ₹2,000 |
नोट: कई कंपनियों ने बढ़ती लागत को देखते हुए अपनी पुरानी स्कीम्स और डिस्काउंट में भी 20 से 30% तक की कटौती कर दी है।
होटल और रेस्टोरेंट में गहराया ‘गैस संकट’
इलेक्ट्रॉनिक्स ही नहीं, युद्ध के चलते उत्पन्न हुए ऊर्जा संकट ने होटल इंडस्ट्री को भी संकट में डाल दिया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
डीसी से गुहार:
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस एजेंसियां समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं, जिससे किचन का संचालन मुश्किल हो गया है। स्थिति इतनी विकट है कि अब व्यापारियों ने जिला उपायुक्त (DC) को आवेदन देकर नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो कई प्रतिष्ठानों में ताले लटक सकते हैं।
ग्राहकों की बढ़ी मायूसी
बाजार में खरीदारी करने पहुँच रहे मध्यमवर्गीय परिवार बढ़ी हुई कीमतें सुनकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। व्यापारियों का कहना है कि सीजन की शुरुआत में ही इस तरह की महंगाई ने बाजार की चमक फीकी कर दी है।
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