फारस की खाड़ी के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरानी नौसेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी युद्धपोतों को चेतावनी देने के लिए मिसाइल, रॉकेट और कॉम्बैट ड्रोन दागे।
सोमवार को जारी बयान में ईरानी नौसेना ने कहा कि अमेरिकी जहाजों ने पहले दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और “डार्क मोड” में ट्रांसपोंडर बंद कर जलडमरूमध्य के करीब पहुंचने की कोशिश की। बाद में उन्होंने अपने रडार फिर से सक्रिय कर दिए।
ईरान के मुताबिक, शुरुआती चेतावनी को अनदेखा किए जाने के बाद उसकी नौसेना को क्रूज मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन के जरिए चेतावनी फायरिंग करनी पड़ी। बयान में यह भी कहा गया कि जलडमरूमध्य के पास किसी भी तरह की गतिविधि अप्रैल की शुरुआत में घोषित युद्धविराम का उल्लंघन मानी जाएगी।
ईरानी नौसेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी विरोधी पक्ष पर होगी। हालांकि, अब तक दोनों देशों के बीच किसी प्रत्यक्ष सैन्य टकराव की पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी कहा है कि बिना समन्वय के किसी भी अमेरिकी या व्यावसायिक जहाज को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
घटनाक्रम उस घोषणा के कुछ घंटों बाद सामने आया, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के नियंत्रण को खत्म करने के लिए ऑपरेशन शुरू करने का निर्देश दिया था, ताकि फंसे हुए व्यावसायिक जहाजों को रास्ता मिल सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समय करीब 3000 जहाज और 20 हजार नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ रहा है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह जलडमरूमध्य को खोलने के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका और इजराइल उसकी खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाइयों को स्थायी रूप से समाप्त करें।










