जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान मोनू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जुगसलाई का रहने वाला था और टाटानगर रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई का कार्य करता था। घटना के बाद मृतक की पत्नी और परिजनों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार मोनू अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ बागबेड़ा के सिद्धो-कान्हू मैदान के पास किराए के मकान में रह रहा था। बताया जा रहा है कि शनिवार को उसकी पत्नी बच्चे को लाने के लिए घर से बाहर गई हुई थी। इसी दौरान मोनू ने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
कुछ देर बाद पत्नी जब घर लौटी तो मोनू का शव फंदे से लटकता मिला। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बागबेड़ा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पत्नी द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना दिए जाने के कारण मोनू ने यह कदम उठाया। वहीं पत्नी ने पलटवार करते हुए ससुराल पक्ष पर उनके अंतरजातीय विवाह का विरोध करने और लगातार ताने देने का आरोप लगाया है।

बताया जा रहा है कि मोनू ने कुछ समय पहले प्रेम विवाह किया था। परिवार की नाराजगी के कारण वह जुगसलाई छोड़कर बागबेड़ा में अलग रह रहा था। घटना की सूचना मिलने के बाद जुगसलाई से पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और मौके पर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने अस्वाभाविक मौत (यूडी केस) की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही कॉल डिटेल्स और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।










