झारखंड के सरायकेला में शिक्षा को बढ़ावा देने और होनहार बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए रविवार को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजय सिंह के आवास पर ‘माँ भवानी फोर्ज प्राइवेट लिमिटेड’ के तत्वावधान में “स्वामी विवेकानंद प्रतिभा सम्मान समारोह” आयोजित किया गया। इस गौरवशाली समारोह में वार्ड संख्या-22 के अंतर्गत आने वाले 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अनूठे कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहाँ सिर्फ बच्चों को ही नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाले उनके शिक्षकों और अभिभावकों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि बच्चों की हर सफलता के पीछे माता-पिता के त्याग और गुरुजनों के मार्गदर्शन की सबसे अहम भूमिका होती है।
कार्यक्रम की शुरुआत वार्ड संख्या-22 की पार्षद श्रीमती अंजू सिंह एवं कांग्रेस महासचिव अजय सिंह ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में दशकों तक अपना बहुमूल्य योगदान देने वाली सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती नीलिमा पांडे को शॉल ओढ़ाकर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया, जिससे पूरा माहौल गुरु-वंदन के रंग में रंग गया।
समारोह के दौरान मौजूद प्रबुद्ध वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे और विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के मूलमंत्र दिए:
- “स्वामी विवेकानंद ने कहा था—’उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।’ आज जिन बच्चों को सम्मानित किया गया है, वही हमारे समाज और देश का आने वाला उज्ज्वल भविष्य हैं।”
- उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से बात की और उन्हें किसी भी परिस्थिति में अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
सफल आयोजन में इनकी रही मुख्य भूमिका
इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता संजीव कुमार सिंह ने की, जबकि पूरे मंच का कुशल संचालन प्रकाश मेहता द्वारा किया गया। कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने में स्थानीय गणमान्य नागरिकों—एडवोकेट ज्योति, सीमा तिवारी, मोहन तिवारी, रंजन कुमार , संजय चाचरा, अनिल कुमार सहित कई प्रबुद्ध लोगों का विशेष योगदान रहा।
समारोह के समापन पर सभी सफल छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और उपहार सौंपे गए। अपने बच्चों को सम्मानित होते देख भावुक हुए अभिभावकों ने इस आयोजन की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयासों से बच्चों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
