ज्येष्ठ माह के पावन और पारंपरिक अवसर पर सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत तुलग्राम गांव में शनिवार शाम को एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय आयोजन समिति द्वारा आयोजित इस महोत्सव में पारंपरिक मानभूम छौ नृत्य और झूमर संगीत की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को पूरी रात झूमने पर मजबूर कर दिया। इस लोक उत्सव में आजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता हरेलाल महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि हरेलाल महतो और गांव के स्थानीय गणमान्य लोगों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके तुरंत बाद स्थानीय कलाकारों ने ढोल, नगाड़ा, मादल और शहनाई की पारंपरिक थाप पर वीर रस से ओत-प्रोत छौ नृत्य की शुरुआत की।
छौ नृत्य कला केंद्र के कलाकारों ने आकर्षक रंग-बिरंगे पारंपरिक मुखौटे और वेशभूषा पहनकर पौराणिक गाथाओं का मंचन किया:
- कलाकारों ने ‘महिषासुर वध’ और ‘राम-रावण युद्ध’ के ऐतिहासिक व धार्मिक प्रसंगों को मंच पर इस कदर उतारा कि पूरा मैदान तालियों की गूंज से गूंज उठा।
- छौ नृत्य के दौरान कलाकारों द्वारा दिखाई गई कठिन शारीरिक कलाबाजियां, ऊंची छलांगें और लयबद्ध युद्ध कला देखकर वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीण मंत्रमुग्ध हो गए।
पौराणिक मंचन के साथ-साथ कार्यक्रम में स्थानीय महिला मंडली द्वारा पारंपरिक झूमर गीत-संगीत की बेहद मनमोहक प्रस्तुति दी गई। मादल और ढोल की खनकती थाप पर ग्रामीण महिलाएं कुड़माली लोकगीतों पर थिरकती नजर आईं, जिसने पूरे माहौल को विशुद्ध झारखंडी लोक संस्कृति के अनूठे रंग में रंग दिया।
कलाकारों की अद्भुत प्रतिभा को देखते हुए मुख्य अतिथि हरेलाल महतो ने पूरी छौ नृत्य पार्टी को मंच पर पुरस्कृत किया। उन्होंने सभी कलाकारों को अंगवस्त्र और नकद प्रोत्साहन राशि भेंट कर सम्मानित किया और लोक कला को जिंदा रखने के लिए उनका आभार जताया।
