रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। रिम्स में नामांकन और टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुई कथित गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद जांच तेज हो गई है।
अपराध अनुसंधान विभाग की दो विशेष जांच टीमें बुधवार सुबह अचानक रिम्स पहुंचीं और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। एडीजी सीआईडी के निर्देश पर गठित ये टीमें रिम्स के अलग-अलग विभागों में फाइलों को खंगाल रही हैं।
डीन कार्यालय और डेटा सेंटर पर ‘कब्जा’, कंप्यूटरों की हो रही स्कैनिंग
सीआईडी की टीमों ने रिम्स पहुंचते ही सबसे पहले डीन कार्यालय और डेटा सेंटर का रुख किया। जांच टीम वहां मौजूद सभी नामांकन से जुड़े दस्तावेजों, फाइलों और कंप्यूटर डेटा की बारीकी से जांच कर रही है।
जांच के मुख्य बिंदु:
- सूत्रों के मुताबिक, पूर्व के शैक्षणिक सत्रों में नियमों को ताक पर रखकर कुछ ऐसे अभ्यर्थियों को भी प्रवेश दे दिया गया, जो पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते थे।
- प्रवेश प्रक्रिया में हुई इस धांधली को पकड़ने के लिए सीआईडी की टीम तकनीकी और विषय विशेषज्ञों की भी मदद ले रही है।
- जिन डिजिटल रिकॉर्ड या फाइलों पर थोड़ा भी संदेह हो रहा है, उसे टीम तुरंत अपने कब्जे में ले रही है।
टेंडर प्रक्रिया भी रडार पर, अधिकारियों से पूछताछ शुरू
रिम्स में सिर्फ एडमिशन का ही खेल नहीं चल रहा था, बल्कि टेंडर आवंटन में भी भारी अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं।
आरोप है कि कुछ चहेते वेंडर्स को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर के तय नियमों का उल्लंघन किया गया और प्रक्रियागत खामियां बरती गईं। सीआईडी अब नामांकन और टेंडर, दोनों मामलों की समानांतर जांच कर रही है।
पूरे मामले की तह तक जाने के लिए जांच टीम संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ भी कर रही है।
पुराना है विवादों से नाता, अब गिरेगी गाज!
यह पहली बार नहीं है जब रिम्स में टेंडर को लेकर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी मेडिकल उपकरणों की खरीद में करोड़ों की अनियमितता के आरोप लग चुके हैं, जिसमें कई बड़ी खामियां उजागर हुई थीं। यही वजह है कि सीआईडी इस बार बेहद सख्त रुख अपना रही है।
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रशासन की सांसें अटकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यदि सीआईडी की जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो रिम्स के कई बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है और जल्द ही इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।
