11 करोड़ रुपये के बहुचर्चित बोकारो ट्रेजरी घोटाला मामले में आरोपियों को अदालत से बड़ी राहत नहीं मिल सकी है। सीआईडी की विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को तीन मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे बुधवार को सुनाया गया।
इन तीन आरोपियों को नहीं मिली राहत
अदालत ने जिन तीन आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रखने का आदेश दिया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- अशोक भंडारी (लेखा शाखा के एसएसआई)
- सतीश कुमार (गृह रक्षक)
- काजल मंडल
क्या है 11 करोड़ का यह घोटाला?
इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय की लेखा शाखा में वेतन मद से संदिग्ध भुगतान और भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद महालेखाकार की रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई कि सरकारी खजाने से करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई है। वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद वित्त विभाग के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर सीआईडी जांच शुरू की गई थी।
पांच जिलों तक फैले हैं घोटाले के तार
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह घोटाला सिर्फ बोकारो तक सीमित नहीं है। सरकारी धन के दुरुपयोग का यह जाल झारखंड के कई अन्य जिलों तक फैला हुआ है, जिसमें शामिल हैं:
- हजारीबाग
- चाईबासा
- रांची
- रामगढ़
इस मामले के मुख्य आरोपी कौशल पांडेय सहित कई लोग पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। सीआईडी इस मामले में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और अन्य सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता की गहन जांच कर रही है। अदालत से जमानत खारिज होने के बाद अब तीनों आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, वहीं जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
