जमशेदपुर BJP में रार: केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस नेता, आलाकमान तक पहुंची शिकायत, उठी कार्रवाई की मांग

जमशेदपुर भाजपा में बढ़ी तल्खी: केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में दिखे कांग्रेसी नेता, भड़के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली दरबार में दर्ज कराई आपत्ति।

Johar News Times
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जमशेदपुर भाजपा में आंतरिक कलह और विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे की मौजूदगी वाले एक कार्यक्रम में कांग्रेस नेता उपेंद्र सिंह मस्तान के शामिल होने को लेकर पार्टी के भीतर नया सियासी बवंडर खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर मचे बवाल के बाद अब शिकायत पार्टी आलाकमान तक पहुंच गई है।

जानकारी के अनुसार, बीते 10 जून को केंद्रीय खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे अपने जमशेदपुर दौरे के दौरान मानगो निवासी भाजपा नेता अविनाश सिंह राजा के आवास पर पहुंचे थे। इस बैठक में भाजपा के जमशेदपुर जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। लेकिन इस विशुद्ध राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले कार्यक्रम में कांग्रेस नेता उपेंद्र सिंह मस्तान की मौजूदगी ने सबको चौंका दिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दीं।

‘विरोधी’ नेता की मौजूदगी पर भाजपाई ही नाराज

भाजपा के एक धड़े के नेताओं ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सवाल उठाए हैं। नाराज नेताओं का कहना है कि:

  • उपेंद्र सिंह मस्तान वही कांग्रेस नेता हैं, जिन्होंने मानगो नगर निगम चुनाव में भाजपा और एनडीए समर्थित प्रत्याशी संध्या सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रही सुधा गुप्ता का खुलकर समर्थन किया था।
  • चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा और उसके शीर्ष नेताओं पर तीखे राजनीतिक हमले भी किए थे।
  • ऐसे में केंद्रीय मंत्री और जिला अध्यक्ष की मौजूदगी वाले मंच पर एक धुर विरोधी दल के नेता का स्वागत किया जाना निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने जैसा है।

जिला अध्यक्ष और नेताओं ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद मामले से जुड़े नेताओं ने अपनी तरफ से सफाई पेश की है:

संजीव सिन्हा (भाजपा जिला अध्यक्ष) ने कहा— “मैं केंद्रीय मंत्री के साथ एक निजी कार्यक्रम के तहत वहां शामिल होने गया था। उस घर में और कौन-कौन से लोग आमंत्रित थे, इसकी पहले से मुझे कोई जानकारी नहीं थी।”

वहीं दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता नीरज सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर किसी भी तरह की सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से संगठन का आंतरिक मामला है और इसे पार्टी फोरम पर ही देखा जा रहा है।

फिलहाल, इस ‘तस्वीर’ के सामने आने के बाद जमशेदपुर की राजनीति में कयासों का दौर जारी है और कयास लगाए जा रहे हैं कि आलाकमान इस गुटबाजी और लापरवाही पर क्या कड़ा एक्शन लेता है।

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