पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांड़रासाली ओपी क्षेत्र में पोक्सो एक्ट के एक आरोपी के घायल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना को लेकर आरोपी के परिजनों और पुलिस के दावों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है। जहां एक तरफ आरोपी की मां ने पुलिस हिरासत में बेरहमी से पिटाई और प्रताड़ना का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे आत्मघाती कदम बताया है।
मां का आरोप: “थाने में नुकीली वस्तु से किया घायल”
आरोपी कांडेराम ईचागुटू की मां सुकरमनी ईचागुटू ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 16 जून को पुलिस उनके बेटे को पूछताछ के बहाने थाने ले गई थी। आरोप है कि वहां बड़े बाबू और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की। सुकरमनी का दावा है कि पुलिस ने किसी नुकीले हथियार से उसके बेटे के पेट पर वार किया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस उसे सदर अस्पताल ले गई। परिजनों ने अस्पताल में आरोपी के जख्मों की तस्वीरें और वीडियो भी बनाए हैं।
पुलिस का दावा: “जेल जाने के डर से खुद पर किया वार”
दूसरी ओर, चाईबासा सदर के एसडीपीओ बहमान टुटी ने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया है। पुलिस के अनुसार:
- कांडेराम पोक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले का नामजद आरोपी है।
- पूछताछ के दौरान जब उसे अहसास हुआ कि वह जेल जा रहा है, तो बचने के लिए उसने टेबल पर रखे पेपर पंचिंग/छेद करने वाले लोहे के सूजे को उठा लिया।
- पुलिस को डराने और हिरासत से छूटने के इरादे से उसने खुद ही अपने पेट में वार कर लिया।
एमजीएम अस्पताल रेफर, जांच जारी
थाने के भीतर हुई इस घटना के तुरंत बाद पुलिस सुरक्षा में आरोपी को चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, जख्म गहरा होने और प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में किसी भी तरह की मारपीट नहीं हुई है और आरोपी ने कानून से बचने के लिए खुद को नुकसान पहुंचाया है।
