चक्रधरपुर रेल मंडल द्वारा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को गैंगखोली क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। रेलवे भूमि पर वर्षों से बने अवैध ढांचों, खटालों, झोपड़ियों और झाड़ियों को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में हड़कंप मच गया और प्रभावित परिवारों के बीच चिंता का माहौल देखने को मिला।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमणकारियों को लगभग तीन माह पहले लिखित नोटिस जारी किया गया था। इसके अलावा एक सप्ताह पूर्व भी क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी गई थी। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। पहले चरण में करीब 20 झोपड़ियों को हटाया गया, जबकि रेलवे ट्रैक के किनारे बड़ी संख्या में अन्य अस्थायी संरचनाएं भी चिन्हित की गई हैं।
कार्रवाई के दौरान कई परिवारों ने अपनी परेशानी जाहिर की। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं और उनके परिवार की कई पीढ़ियां यहीं बसी हुई हैं। अचानक घर उजड़ने से उनके सामने आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
बस्तीवासियों ने बताया कि पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें उम्मीद थी कि इस बार भी मामला टल जाएगा। हालांकि रेलवे की टीम और बुलडोजर पहुंचने के बाद लोगों को अपना सामान हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मानसून से ठीक पहले शुरू हुई इस कार्रवाई ने प्रभावित परिवारों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन से पुनर्वास तथा वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
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