पहली क्राइम मीटिंग में SP ने टाइम-बाउंड जांच और पेंडिंग केस खत्म करने पर जोर दिया।
नशा कारोबार और साइबर क्राइम पर विशेष कार्रवाई के निर्देश, पुलिसिंग को पब्लिक फ्रेंडली बनाने पर फोकस।
सरायकेला जिले की नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने पदभार संभालने के बाद पहली जिला स्तरीय क्राइम मीटिंग में सख्त रुख दिखाया। समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में सभी थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा की गई। इस दौरान एसडीपीओ संतोष कुमार मिश्रा, चांडिल एसडीपीओ अरविंद कुमार सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
SP ने नए आपराधिक कानून BNS, BNSS और BSA के तहत समयबद्ध जांच पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि 6 महीने से अधिक पुराने केस किसी भी हाल में लंबित न रहें। 15 मई 2026 तक सभी थानों का क्राइम रिव्यू पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
बैठक में नशा कारोबार पर सख्ती और साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई तेज करने और साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए e-Sakshya ऐप और फर्स्ट एड पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का फैसला लिया गया। SP ने कहा कि डिजिटल साक्ष्य अब जांच का अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग, लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना प्राथमिकता होगी। महिला और SC-ST अत्याचार मामलों में 60 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के सख्त निर्देश भी दिए गए।
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