CM हेमंत सोरेन के शिक्षा नीति का असर, PGI में 29 अंक सुधार के साथ ‘आकांक्षी-1’ ग्रेड में पहुंचा झारखंड

CM हेमंत सोरेन के शिक्षा नीति का असर, PGI में 29 अंक सुधार के साथ ‘आकांक्षी-1’ ग्रेड में पहुंचा झारखंड

Johar News Times
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रांची: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2024-25 में झारखंड ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए 29 अंकों का सुधार किया है। राज्य का कुल स्कोर 2023-24 के 502.2 से बढ़कर 531.1 हो गया है, जिसके साथ झारखंड ‘आकांक्षी-2’ से उन्नत होकर ‘आकांक्षी-1’ ग्रेड में पहुंच गया है।

राज्य सरकार ने इसे शिक्षा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर हुए सुधारों का परिणाम बताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन के अनुरूप अब झारखंड का कोई भी जिला ‘आकांक्षी’ श्रेणी में नहीं है। हालांकि, शिक्षा प्रदर्शन के मामले में झारखंड अभी भी 13 राज्यों से पीछे है और ‘उत्तम’ श्रेणी तक पहुंचने के लिए उसे तीन और ग्रेड की दूरी तय करनी होगी।

पीजीआई रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा की पहुंच, समानता तथा शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में झारखंड का प्रदर्शन ‘उत्तम’ श्रेणी का रहा है। वहीं बच्चों के सीखने के स्तर, शिक्षा की गुणवत्ता और गवर्नेंस से जुड़े मानकों पर अभी और सुधार की आवश्यकता बताई गई है।

जिला स्तर पर भी राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पूर्वी सिंहभूम और बोकारो ने प्रचेस्टा-2 से प्रचेस्टा-1 ग्रेड में जगह बनाई है। वहीं खूंटी, दुमका, गोड्डा, चतरा, जामताड़ा, लातेहार, पलामू, गुमला और गढ़वा ने प्रचेस्टा-3 से प्रचेस्टा-2 श्रेणी में प्रगति दर्ज की है। रांची, सरायकेला-खरसावां, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिले अपने पूर्व ग्रेड में बने हुए हैं, जबकि साहिबगंज प्रचेस्टा-3 श्रेणी में कायम है। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि शिक्षा तक पहुंच और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में राज्य ने प्रगति की है, लेकिन सीखने के परिणामों और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बनी हुई है।

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