चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रस्तावित चार रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजनाओं को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आरबीके-21, आरबीके-24, आरबीके-26 और आरबीके-30 रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर प्रस्तावित आरओबी निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि, लंबित मामलों, मुआवजा भुगतान, रैयतों से समन्वय, अभिलेखीय त्रुटियों के निराकरण तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जिले में सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ यातायात जाम की समस्या को कम करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हो सकें।
रैयतों से संवाद और क्षेत्रीय निरीक्षण पर जोर
डीसी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं संबंधित अंचलाधिकारियों को नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण करने और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रभावित रैयतों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने का निर्देश दिया।
विभागीय समन्वय से पूरी होंगी परियोजनाएं
बैठक में राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा और सभी विभागों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता तथा संबंधित अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
