गुड़ाबांदा प्रखंड की बालीजुड़ी पंचायत में गुरुवार को उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर नोडल पदाधिकारी अनिल टूटी ने विभिन्न विकास योजनाओं और आमजन को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सेवाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्रज्ञा केंद्र, जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान, मनरेगा कार्यस्थल तथा पंचायत भवनों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों और लाभुकों से सीधा संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया तथा सेवा वितरण में आ रही समस्याओं की जानकारी ली।
पीडीएस दुकान में सामने आईं गड़बड़ियां
निरीक्षण के दौरान अमर पांडा की पीडीएस दुकान में कई अनियमितताएं पाई गईं। जांच के समय डीलर ने मशीन खराब होने की बात कही, लेकिन इसकी सूचना प्रखंड कार्यालय को नहीं दी गई थी। इसके अलावा वह राशन वितरण रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में पाया गया कि 337 कार्डधारियों वाली इस दुकान में 19 जुलाई 2025 तक केवल 9.50 प्रतिशत राशन का ही वितरण हुआ था, जबकि जुलाई माह का राशन जून में ही उपलब्ध करा दिया गया था। मामले के सामने आने के बाद प्रखंड स्तर की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित निरीक्षण होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। अगस्त माह के राशन वितरण से पहले लाभुकों में भी चिंता बढ़ गई है। वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उनकी पदस्थापना को आठ माह से अधिक समय हो चुका है।
मुसाबनी प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण, खुले में रखी ट्राई साइकिलों पर नाराजगी
उपायुक्त राजीव रंजन ने गुरुवार को मुसाबनी प्रखंड कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। बीडीओ अदिति गुप्ता की मौजूदगी में विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।
लाखों की ट्राई साइकिलें खुले में देख जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड परिसर में बिना असेंबल किए खुले में रखी लाखों रुपये मूल्य की ट्राई साइकिलों को देखकर नाराजगी जताई और उन्हें व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका कार्यालय का निरीक्षण किया और कार्यों में सुस्ती पर विभागीय कर्मचारियों को फटकार लगाई। कर्मियों के जवाब से असंतुष्ट उपायुक्त ने उन्हें फील्ड में जाकर सक्रिय रूप से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
अतिरिक्त प्रभार के कारण प्रभावित रही कार्य गति
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्वीकार किया कि पिछले आठ महीनों से मुसाबनी प्रखंड कार्यालय अतिरिक्त प्रभार में संचालित हो रहा था, जिसके कारण अपेक्षित गति से काम नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि बीडीओ अदिति गुप्ता के अवकाश से लौटने के बाद विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इस दौरान उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, घाटशिला एसडीओ अमिताभ भक्त सहित प्रखंड और अंचल के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
