जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित न्यू केबुल टाउन में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के पांचवे दिन श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयघोष से गूंजता रहा।
पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से आए यज्ञाचार्य पं. लालमोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 आचार्यों की टीम ने विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराया। पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश और वेदी पूजन के बाद श्रद्धालुओं की सहभागिता से हवन किया गया। इस दौरान लोगों ने समाज और देश की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने परिक्रमा कर परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

संध्या में कथा-प्रवचन का आयोजन हुआ, जिसमें बनारस से आए डॉ. मनोज मिश्रा दाऊजी, बक्सर के हलचल बाबा और वृंदावनधाम के हिमांशु महाराज ने संगीतमय कथा से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुंदरकांड, सत्संग की महिमा और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला।
यज्ञाचार्य पं. लालमोहन शास्त्री ने अपने प्रवचन में सत्संग और भगवान राम की कृपा के महत्व को बताते हुए कहा कि जीवन में संस्कार और श्रद्धा का होना आवश्यक है। इस मौके पर रघुवर दास, कुणाल षाड़ंगी समेत कई गणमान्य पहुंचे थे l









