गिरिडीह जिले के सरिया स्थित प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी तट, राजदह धाम में मंगलवार को एक बेहद अनोखी और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जो इस वक्त पूरे इलाके में भारी चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी मर्जी से प्रेमी संग भागकर शादी करने वाली एक जीवित बेटी का उसके पिता ने पूरे विधि-विधान के साथ प्रतीकात्मक पिंडदान कर दिया।
20 जून को तय थी शादी, 12 जून को घर से भागी बेटी
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला पड़ोसी जिले कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़ित पिता ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी की शादी आगामी 20 जून 2026 को होनी तय हुई थी। परिवार में उत्सव का माहौल था और विवाह की सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई थीं। कार्ड भी बांटे जा चुके थे, लेकिन 12 जून 2026 की रात को मौका पाकर युवती अपने प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई।
सोशल मीडिया पर वीडियो देख टूट गया परिवार
घर से भागने के बाद युवती ने अपने प्रेमी के साथ शादी रचा ली और इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। बेटी के इस कदम की जानकारी मिलते ही पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे गहरे सदमे में डूब गए।
“अब हमारे लिए वह मर चुकी है…”
“पीड़ित पिता ने अपनी गहरी मानसिक और सामाजिक पीड़ा को बयां करते हुए कहा कि बेटी के इस कदम ने समाज में उनके सम्मान को पूरी तरह धूल में मिला दिया है। इस गहरे आघात और दुख के कारण उन्होंने अपने परिवार और समाज के प्रबुद्ध लोगों के साथ गिरिडीह के सरिया स्थित उत्तरवाहिनी नदी तट (राजदह धाम) पहुंचने का फैसला किया। वहां उन्होंने पुरोहितों की मौजूदगी में अपनी जीवित बेटी का वह सारा कर्मकांड और प्रतीकात्मक पिंडदान कर दिया, जो आमतौर पर किसी की मृत्यु के बाद किया जाता है।”
इलाके में छिड़ी नई सामाजिक बहस
सनातन धर्म और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार, पिंडदान केवल मृत व्यक्ति की आत्मा की मोक्ष और शांति के लिए किया जाता है। ऐसे में एक जीवित बेटी का इस तरह पिंडदान किए जाने की इस अनोखी घटना ने पूरे क्षेत्र के लोगों को हैरान कर दिया है। इस मामले को लेकर समाज में दोतरफा प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं; जहां कुछ लोग इसे एक लाचार पिता की चरम भावनात्मक पीड़ा और बेबसी का परिणाम मान रहे हैं, वहीं कुछ बुद्धिजीवी इसे बदलते दौर में पारिवारिक मूल्यों और नई पीढ़ी के फैसलों के बीच बढ़ते टकराव के रूप में देख रहे हैं।
