रांची , मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। रविवार को सोशल मीडिया पर मिली तीन अलग-अलग सूचनाओं पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलों के उपायुक्तों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पहली सूचना लोहरदगा से जुड़ी थी, जिसमें रहमत नगर इलाके में सड़क किनारे एक महिला के बेसुध अवस्था में पड़े होने और उसके चार छोटे बच्चों के भूख-प्यास से जूझते हुए कचरे से खाना तलाशने की जानकारी दी गई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने लोहरदगा उपायुक्त को मामले का तत्काल संज्ञान लेने का निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों और परिवार के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और उन्हें इसकी सूचना भी दी जाए। साथ ही क्षेत्र में ऐसी किसी भी अनहोनी पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा।
दूसरी सूचना सरायकेला-खरसावां जिले से मिली, जिसमें तमारी पंचायत के खरो गांव निवासी दिलीप कुमार महतो को सीडब्ल्यूयूएसए (CWUSA) प्रमाण पत्र के अभाव में ट्राइसाइकिल नहीं मिलने की बात सामने आई। उनकी दैनिक जीवन की परेशानियों को देखते हुए मदद की अपील की गई थी। मुख्यमंत्री ने इस पर तुरंत सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को निर्देश दिया कि दिलीप कुमार महतो को अविलंब आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और इसकी जानकारी दी जाए।
तीसरी सूचना चक्रधरपुर के टोकलों क्षेत्र से मिली, जिसमें पांच वर्षीय श्रुति सामट के गंभीर बीमारी से ग्रसित होने और आर्थिक तंगी के कारण उसके परिजनों के इलाज के लिए भटकने की जानकारी दी गई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) के उपायुक्त को निर्देश दिया कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए बच्ची के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री के इन त्वरित निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार आम लोगों की समस्याओं को लेकर सजग है और सोशल मीडिया के माध्यम से मिल रही शिकायतों पर भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है।









