चांडिल में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का लाभ: 9 लाभुकों के बीच हुआ बकरी पालन परिसंपत्तियों का वितरण, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

चांडिल में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बांटी गई बकरियां, 9 यूनिट का हुआ वितरण।

Johar News Times
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सरायकेला (झारखंड): ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ के तहत सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड में चयनित लाभुकों के बीच 9 यूनिट बकरी पालन योजना की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन करने की दी गई सलाह

योजना के तहत स्वीकृत बकरी पालन इकाइयों का वितरण करते हुए अधिकारियों ने लाभुकों को परिसंपत्तियों का सही और समुचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान पशुपालकों को पारंपरिक तरीके के बजाय वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन करने की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

इसके साथ ही पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा लाभुकों को निम्नलिखित मुख्य बातें समझाई गईं:

  • पशुओं का समय पर और नियमित टीकाकरण कराना।
  • बकरियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना।
  • पशुओं के लिए संतुलित आहार और उनके रहने के उचित प्रबंधन की व्यवस्था करना।

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है मुख्य उद्देश्य

“अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, छोटे किसानों और पशुपालकों को गांव में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का एक बेहद प्रभावी माध्यम है, जिससे कम लागत में लाभुकों की आय में वृद्धि होती है और वे आत्मनिर्भर बनते हैं।”

क्षेत्रीय कर्मियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को विभाग द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी गई। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों ने क्षेत्रीय कर्मियों और फील्ड स्टाफ को सख्त निर्देश दिया है कि वे इन सभी लाभुकों की नियमित रूप से अनुश्रवण करें और उन्हें आवश्यकतानुसार हर संभव तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएं।

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