विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर BBIC फाउंडेशन की अनूठी पहल, नुक्कड़ नाटक और रैली से दिया शिक्षा का संदेश

"हथौड़ा छोड़, थामें किताब: जमशेदपुर में बाल श्रम के खिलाफ गूंजी आवाज, BBIC फाउंडेशन ने नुक्कड़ नाटक से जगाई अलख।"

Johar News Times
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जमशेदपुर: विश्व बाल मजदूर निषेध दिवस के अवसर पर आज शहर में बाल श्रम के खिलाफ एक जोरदार आवाज बुलंद की गई। ‘ब्रिंग बैक इंडियन कल्चर’ फाउंडेशन द्वारा जमशेदपुर में भव्य जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस सामाजिक अभियान में संस्था के बच्चों और युवा वॉलंटियर्स ने बेहद उत्साह के साथ भाग लेकर शहरवासियों को बाल मजदूरी को जड़ से खत्म करने का संदेश दिया।

नुक्कड़ नाटक के जरिए दिखाया बाल श्रम का दर्द

फाउंडेशन के युवाओं और बच्चों ने शहर के विभिन्न प्रमुख और व्यस्त स्थानों पर घूम-घूम कर आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इन नाटकों के माध्यम से बाल श्रम के भयानक दुष्परिणामों को दर्शाया गया और लोगों को यह समझाया गया कि हर बच्चे का पहला अधिकार ‘शिक्षा’ है। इसके साथ ही एक जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चे हाथों में तख्तियां लेकर बाल मजदूरी के खिलाफ नारे लगा रहे थे।

बाल मजदूरी एक सामाजिक बुराई, मिलकर लड़ना होगा: लेबर सुपरिटेंडेंट

इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लेबर सुपरिटेंडेंट श्री सत्येंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “बाल मजदूरी एक गंभीर सामाजिक बुराई है। इसके पूर्ण उन्मूलन के लिए केवल कानून काफी नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।” उन्होंने हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकारों की रक्षा करने पर विशेष बल दिया।

कृष्णकांत राय संस्था के सह-संस्थापक श्री कृष्णकांत राय ने अपने संबोधन में दोटूक कहा कि प्रत्येक बच्चे का सही स्थान विद्यालय की बेंच पर है, किसी चाय की दुकान या कार्यस्थल पर नहीं। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से बाल मजदूरी के खिलाफ एकजुट होने और बच्चों को सुरक्षित व बेहतर भविष्य देने की अपील की।

इस पूरे अभियान को सफल बनाने में संस्था की संस्थापक सदस्य श्रीमती पम्मी राय, श्री संतोष राय, कोऑर्डिनेटर अमित राम, रायमनी टुडू, संजय पिगुआ, शिक्षिका शांति पिगुआ, पानो और रिंकी देवगम सहित बड़ी संख्या में संस्था के सदस्यों, स्वयंसेवकों और बच्चों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि बाल मजदूरी के खिलाफ यह जागरूकता अभियान अनवरत जारी रहेगा।

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