चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र के पिछड़ने और सेमेस्टर परीक्षाओं में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर बीएड छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
तीन घंटे तक गूँजा विश्वविद्यालय परिसर

छात्रों का यह आक्रोश सुबह से ही देखने को मिला। लगभग 3 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि सेमेस्टर परीक्षाओं और रिजल्ट के प्रकाशन में लगातार हो रही देरी की वजह से उनका पूरा शैक्षणिक कैलेंडर पटरी से उतर गया है। इससे न केवल उनकी वर्तमान पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि भविष्य की करियर योजनाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
प्रशासन के साथ वार्ता और आश्वासन
छात्रों के बढ़ते दबाव और हंगामे को देखते हुए विश्वविद्यालय के वरीय अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। लंबी चर्चा के बाद, प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं को जायज माना। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने छात्रों को लिखित या मौखिक आश्वासन देते हुए कहा कि 15 तारीख तक सेमेस्टर से जुड़ी सभी विसंगतियों और देरी का उचित समाधान निकाल लिया जाएगा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रशासनिक आश्वासन के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है, लेकिन उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि तय समय सीमा यानी 15 तारीख तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई और सेमेस्टर की प्रक्रिया पटरी पर नहीं लौटी, तो वे मजबूरन दोबारा सड़कों पर उतरेंगे और इस बार आंदोलन और भी उग्र होगा।
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