ईचागढ़: स्वरोजगार की नई पहल, 12 ग्रामीणों को मिलीं बकरी पालन इकाइयां

सरायकेला ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को सशक्त करने और पलायन पर रोक लगाने के उद्देश्य से ईचागढ़ प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

Johar News Times
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सरायकेला ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को सशक्त करने और पलायन पर रोक लगाने के उद्देश्य से ईचागढ़ प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। प्रखंड प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 12 चयनित लाभुकों को बकरी पालन (गोटरी) यूनिट उपलब्ध कराई गई।

योजना का स्वरूप और लाभ

प्रत्येक लाभुक को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्नत नस्ल के 5 बकरी और 1 बकरा (कुल 6 पशु) दिए गए। केवल पशु ही नहीं, बल्कि योजना को सफल बनाने के लिए प्रारंभिक चरण का चारा, आवश्यक दवाएं और पशुओं के रहने के लिए शेड निर्माण हेतु अनुदान राशि भी स्वीकृत की गई है।

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वैज्ञानिक तरीके से होगा पालन

वितरण के दौरान पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने लाभुकों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि पारंपरिक तरीके के बजाय वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से लाभ बढ़ जाता है। उन्होंने संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि उचित प्रबंधन से एक यूनिट के माध्यम से साल भर में 80 हजार से 1 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण

प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अभिषेक प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य महिलाओं और युवाओं को गांव में ही रोजगार देकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है। उन्होंने फील्ड कर्मियों और पशु सखियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से लाभुकों के संपर्क में रहें और उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करें।

पलायन पर लगेगी लगाम

यूनिट प्राप्त करने के बाद लाभुक संगीता देवी और मंगल सिंह मुंडा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें काम की तलाश में गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जिले में इस योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 320 से अधिक इकाइयां वितरित की जा चुकी हैं।

इस कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख विमला देवी, पशुपालन विभाग के कर्मचारी और कई ग्रामीण उपस्थित थे।

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