भारत और वियतनाम के बीच प्रगाढ़ होते कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की एक नई झलक आज गया की धरती पर देखने को मिली। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के क्रम में मंगलवार को बोधगया पहुंचे। ज्ञान और मोक्ष की इस पावन भूमि पर उनका भव्य और राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया।
स्वागत और सम्मान
- राष्ट्रपति तो लाम सुबह करीब 11:30 बजे बोधगया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरे।
- हवाईअड्डे पर बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर बिहार की जनता की ओर से उनका अभिनंदन किया।
- हवाई अड्डे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच राष्ट्रपति को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।
सांस्कृतिक और कूटनीतिक महत्व
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि गयाजी जैसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी में राष्ट्रपति तो लाम का आना भारत-वियतनाम संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
धार्मिक जुड़ाव का केंद्र है बोधगया
उल्लेखनीय है कि वियतनाम में बौद्ध धर्म के अनुयायियों की बड़ी संख्या है और उनके लिए बोधगया दुनिया के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। राष्ट्रपति की इस यात्रा से पर्यटन और सांस्कृतिक विनिमय को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वह 5 से 7 मई तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।









