देशभर में गर्मी ने एक बार फिर कहर बरपाया है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में सोमवार को तापमान ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सबसे ज्यादा चर्चा में रहा Banda, जहां पारा 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और यह दिन दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में दर्ज हो गया। इससे पहले भी यहां 2022 और अप्रैल 2026 में 47.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
राजस्थान के जैसलमेर में तापमान 46.6°C दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश के खजुराहो में पारा 46°C तक पहुंच गया, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। इसके अलावा बाड़मेर (46°C), वर्धा (46.5°C), अमरावती (46.6°C) और अकोला (46.3°C) जैसे शहरों में भी भीषण गर्मी ने जनजीवन प्रभावित किया है। कुल मिलाकर देश के कम से कम 6 शहरों में तापमान 46°C या उससे अधिक दर्ज किया गया।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी से राहत नहीं है। यहां सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बदलाव करते हुए बसों में ठंडे पानी की व्यवस्था और बस स्टॉप्स पर मुफ्त ORS व ठंडा पानी उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
भीषण गर्मी और हीटवेव के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष ‘हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट’ स्थापित की जाएं। इन यूनिट्स का उद्देश्य गंभीर हीट स्ट्रोक मरीजों को ‘गोल्डन आवर’ में बचाना है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। 29 अप्रैल को मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में हीटवेव की चेतावनी है। वहीं कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
30 अप्रैल को भी मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मौसम अस्थिर बना रहेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हीट स्ट्रोक की स्थिति में शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ऊपर चला जाता है, जो जानलेवा हो सकता है। ऐसे मामलों में मरीज को तुरंत ठंडा करने, ORS देने और शरीर का तापमान तेजी से नियंत्रित करने की आवश्यकता होती है।










