झारखंड: जूनियर डॉक्टरों की जीत; कैबिनेट की मुहर के बाद मानदेय में भारी वृद्धि, अधिसूचना जारी

Johar News Times
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रांची: झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और इंटर्न्स के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्य सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने जूनियर डॉक्टरों की वृतिका (Stipend) और मानदेय में वृद्धि का आधिकारिक संकल्प और अधिसूचना जारी कर दी है । आपको बता दें कि पूर्व में अपनी मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल और आंदोलन का रास्ता अपनाया था, जिसके बाद सरकार ने उनकी मांगों को जायज मानते हुए यह फैसला लिया है

किसे कितना मिलेगा फायदा? (नया मानदेय चार्ट)

सरकार ने जूनियर रेजिडेंट (JR), ट्यूटर, सीनियर रेजिडेंट (SR) और इंटर्न्स की वृतिका में पड़ोसी राज्यों के समकक्ष वृद्धि की है

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1. जूनियर रेजिडेंट्स (Academic & Non-Academic)

सरकारी मेडिकल कॉलेजों के पीजी छात्रों और एमबीबीएस जूनियर रेजिडेंट्स की वृतिका अब इस प्रकार होगी:

  • PG प्रथम वर्ष: ₹54,500 से बढ़ाकर ₹70,000
  • PG द्वितीय वर्ष: ₹58,500 से बढ़ाकर ₹75,000
  • PG तृतीय वर्ष: ₹63,000 से बढ़ाकर ₹80,000
  • JR (Non-Academic): ₹54,500 से बढ़ाकर ₹70,000

2. ट्यूटर एवं सीनियर रेजिडेंट (SR)

झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली 2026 के तहत इनके मानदेय में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है:

  • प्रथम वर्ष: ₹80,000 से बढ़ाकर ₹90,000
  • द्वितीय वर्ष: ₹82,500 से बढ़ाकर ₹95,000
  • तृतीय वर्ष: ₹85,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000

3. मेडिकल इंटर्न्स

मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को अब प्रति माह ₹25,000 मिलेंगे, जो पहले मात्र ₹17,500 था

हड़ताल का दिखा असर, सरकार ने मानी मांगें

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने मानदेय को पड़ोसी राज्यों (जैसे बिहार) के अनुरूप करने की मांग को लेकर आवेदन दिया था और पूर्व में कार्य बहिष्कार भी किया था । सरकार ने माना कि रिम्स (RIMS) और अन्य संस्थानों की तुलना में सरकारी कॉलेजों के रेजिडेंट्स को कम राशि मिल रही थी । मुख्यमंत्री के अनुमोदन और मंत्रिपरिषद की स्वीकृति की प्रत्याशा में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने यह आदेश जारी किया है

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महत्वपूर्ण शर्तें

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई वृतिका का लाभ उन्हीं डॉक्टरों को मिलेगा जो निजी प्रैक्टिस नहीं करने का शपथ-पत्र देंगे । इस वृद्धि से राज्य सरकार के राजकोष पर वार्षिक ₹18.34 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त व्यय भार आएगा

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