झारखंड में एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन द्वारा 18 वर्षों बाद आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) कुप्रबंधन का शिकार हो गई। रविवार को आयोजित परीक्षा के दौरान बोकारो के एक केंद्र पर प्रश्नपत्रों की कमी के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे आयोग की तैयारियों की पोल खुल गई।
प्रश्नपत्र की कमी से रद्द हुई परीक्षा
बोकारो के परीक्षा केंद्र पर समय पर पर्याप्त प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। आयोग ने पहले सुरक्षा और पुख्ता व्यवस्था के दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई।









