गर्मियों की शाम और चटपटी चाट का साथ किसे पसंद नहीं? लेकिन याद रखिए, आपकी जीभ का यह ‘शॉर्ट-कट’ स्वाद आपको सीधे ‘हॉस्पिटल’ के चक्कर लगवा सकता है। धूप और उमस में सड़क किनारे बिकने वाला खाना एक ‘टाइम बम’ की तरह होता है। सूरज की तपिश बढ़ते ही बैक्टीरिया का राज शुरू हो जाता है। खुले में रखा खाना जहर बनने में देर नहीं लगाता। आइए जानते हैं वो 8 दुश्मन जो आपके पेट पर हमला करने को तैयार हैं:

स्ट्रीट फूड से होने वाले 8 बड़े खतरे
- फूड पॉइजनिंग: बासी खाने से पेट में मरोड़ और कमजोरी।
- टाइफाइड: दूषित पानी से होने वाला हफ्तों का बुखार।
- डायरिया: गंदे हाथों से परोसा गया खाना आपके शरीर का पानी निचोड़ सकता है।
- पीलिया (Jaundice): गंदे पानी का सीधा असर आपके लिवर पर।
- डिहाइड्रेशन: लगातार उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की गंभीर कमी।
- पेट का इंफेक्शन: गैस, सूजन और असहनीय दर्द।
- स्किन एलर्जी: घटिया तेल और मिलावटी रंगों से होने वाले रैशेज।
- हीट स्ट्रोक: भारी और गरिष्ठ भोजन शरीर का तापमान बढ़ा देता है।

मजा भी और सेहत भी: अपनाएं ये 20 ‘स्मार्ट’ टिप्स
स्ट्रीट फूड को पूरी तरह छोड़ना मुश्किल है, इसलिए इन नियमों को अपनाएं और ‘स्मार्ट ईटर’ बनें:
चयन में समझदारी (Selection Strategy)
- हमेशा ‘हॉट’ रहें: सिर्फ वही खाना खाएं जो आपकी आंखों के सामने गरमा-गरम बना हो।
- भीड़ का पीछा करें: जिस स्टॉल पर भीड़ ज्यादा होती है, वहां सामान जल्दी खत्म होता है और ताजा माल बनता है।
- रंगों से बचें: बहुत ज्यादा लाल या पीले दिखने वाले ड्रिंक्स में कैंसरकारी आर्टिफिशियल कलर हो सकते हैं।
- सूंघ कर देखें: अगर गंध या स्वाद में जरा सा भी फर्क लगे, तो पैसे की चिंता छोड़ें और खाना फेंक दें।

साफ-सफाई का सख्त पहरा
बर्तन और तेल: देखें कि दुकानदार साफ बर्तन इस्तेमाल कर रहा है या नहीं, और तेल का रंग काला तो नहीं पड़ गया।
कटे फलों को ‘ना’ कहें: घंटों से कटे रखे फल और सलाद बैक्टीरिया का घर होते हैं।
बर्फ से तौबा: सड़क किनारे मिलने वाली बर्फ अक्सर गंदे और इंडस्ट्रियल पानी से बनी होती है।
मक्खियों का पहरा: जिस दुकान पर मक्खियां भिनभिना रही हों, वहां से तुरंत दूरी बना लें।










